
जांच कमेटी को मिले अहम सुराग, कई बडे नाम भी शामिल
जमीन नजूल रजिस्टर में दर्ज : एसडीएम
राहुल पाण्डेय, स्वराज इंडिया
कानपुर। चुन्नीगंज स्थित
एपीफैनी कंपाउंड समेत अरबों की जमीन पर कब्जे की जुगत लगाने वाले भूमाफियाओं के गोलमाल की जांच चल रही है। सिटी में कई जमीनों पर अवैध तरीके से प्लाट काट कर लोगों को बेचे जाने की तैयारी की जा रही थी। नजूल की जमीनों की जांच करने वाली कमेटी को कई अहम सुराग लगे हैं कि किस प्रकार से इन जमीनों की ख्ररीद फरोख्त की जाती रही। इसमें पत्रकार संगठन के कुछ कथित पदाधिकारी और कई बडे नाम भी आ सकते हैं। वहीं डीएम की ओर से गठित टीम ने चुन्नीगंज स्थित एपीफैनी कंपाउंड की जमीन की जांच पूरी कर ली है। जांच में टीम को आधी जमीन पर कब्जा और पिलर खड़े मिले हैं। एसडीएम सदर प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज हो गए हैं। पूरी जमीन नजूल रजिस्टर में दर्ज हैं। किसी भी नजूल की जमीन को बिना डीएम की अनुमति के खरीदा और बेचा नहीं जा सकता है। अब रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।
चुन्नीगंज स्थित एपीफैनी कंपाउंड की जमीन की जांच टीम ने पूरी कर ली है। जांच में टीम को आधी जमीन पर कब्जा और पिलर खड़े मिले हैं। सात से आठ परिवार वहां पर रह रहे हैं। वहीं आधी जमीन खाली पड़ी है। टीम ने जमीन का निरीक्षण कर अब रजिस्ट्री विभाग से अभिलेख मांगे हैं। इसे सन 1861 में एक मिश्नरी संस्था को 99 साल की लीज पर दिया गया था, जिसकी लीज 64 साल पहले ही खत्म हो चुकी है। ऐसे में यहां अवैध तरीके से प्लॉट काटे जा रहे थे। एसडीएम सदर प्रखर कुमार सिंह के नेतृत्व वाली जांच कमेटी ने नजूल रजिस्टर की पड़ताल करके कई अहम तथ्य निकाले हैं। उक्त जमीन नजूल रजिस्टर में दर्ज मिली है। ऐसे में लीज पर दी गई जमीन को बेचा नहीं जा सकता है। इसके बावजूद पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए करोड़ों की जमीन को खरीदा और बेचा जा रहा है। नजूल की जमीन का पट्टा खत्म होते ही वह वापस सरकारी हो जाती है। ऐसे में प्रशासन के नजरिए से जमीन पर सभी दावे अवैध हैं। फिर भी दस्तावेजों पर मंथन हो रहा है। इसके बाद जमीन को सरकारी भूमि में दर्ज किया जाएगा।
सलीम बिरयानी समेत अन्य पक्षों ने दस्तावेज एसडीएम को सौंपे
नजूल रजिस्टर में मौजूद नक्शे से दस्तावेजों के नक्शे को मिलाया जा रहा है। नजूल की जमीन का नक्शा परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। जबकि एपीफैनी में तोड़फोड़ करके उसकी वास्तविक स्थिति को बदला गया है। वहीं दूसरा पक्ष बिशप डायोसिस ऑफ लखनऊ चर्च ऑफ इंडिया की टीम ने वकील के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज दिखाए। अब जमीन के रजिस्ट्री विभाग से पट्टे के दस्तावेजों से मिलान करके रिपोर्ट तैयार होगी।
चुन्नीगंज चौराहे में नजूल की जमीन पर खड़ा हो गया बाइक शोरुम
सूत्रों के अनुसार जानकारी है कि चुन्नीगंज चौराहे के पास एक पंप के बगल में नजूल की काफी जमीन है । इसमें बाइक शोरुम और अन्य बड़े बड़े मकान, दुकान खड़े कर दिए गए हैं। इसकी जांच हुई तो कई और लोग बेनकाब होंगे। केडीए ने कुछ समय पूर्व निर्माण रुकवा दिया था लेकिन बाद में बड़ा शोरूम बना दिया गया है।