स्वराज इंडिया’ समाचार पत्र ने छात्र पर हुई बर्बर घटना की खबर सबसे पहले प्रकाशित की तो टूटी प्रशासन के हुक्मरानों की नींद
पीङित छात्र को दौङाते रहे, हताश छात्र ने विश्वविद्यालय छोङने का मन बनाया, ‘स्वदेश इंडिया’ की खबर ने अफसरों को चेताया
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
वाराणसी। BHU के दलित छात्र से अप्राकृतिक दुष्कर्म की कोशिश, मारपीट, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी के मामले में आपके अपने अखबार ‘स्वदेश इंडिया’ ने सबसे पहले खबर प्रकाशित की जिसको जिम्मेदार अफसरों ने संज्ञान लेते हुए पीङित की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए लंका थाने में एफआईआर दर्ज कर ली है। पूरे प्रकरण की जांच सहायक पुलिस आयुक्त धनंजय मिश्रा को सौंपी गई है।
प्रकरण में आरोपित आशुतोष सिंह सिसौदिया व एक अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 323, 504, 506, 377, 511 व अनुसूचित जाति-अनुसूचित जन जाति नृशंता निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। छात्र ने उम्मीद जताई है कि उसे न्याय मिल सकेगा। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ भी टिप्पणी से इंकार कर दिया है।
ये था पूरा मामला
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजाराम छात्रावास में रहने वाले सोशियोलॉजी एमए फाइनल ईयर के एक छात्र के साथ प्रातः राजाराम हॉस्टल में ही रहने वाले एक छात्र ने जबरन अप्राकृतिक दुष्कर्म करने की कोशिश की। घटना शनिवार देर रात तकरीबन 02:45 की बताई गई है। राजाराम हॉस्टल के एक लॉबी में अचानक बिजली गुल हो गई जबकि हॉस्टल के अन्य लॉबी में बिजली थी। पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने जब हॉस्टल के बिजली बोर्ड का एमसीबी चेक करने गया। जैसे ही छात्र एमषीबी चेक करने के लिए झुका । पीछे से राजाराम हॉस्टल के ही एमपीएमाआईआर के एक छात्र ने दबोच लिया और छात्र का लोवर जबरन खोलने लगा तो भद्दी गालियां देने लगा। छात्र आरोपी से छुड़ाकर भागा तो आरोपी ने पीड़ित छात्र का पीछा करते हुए उसके कमरे में आया और मां बहन की गालियां देते हुए जबरन लोवर पैंट खोलकर हाथ डालने की कोशिश की। और पीङित को थप्पड़ों और मुक्कों से मारते हुए घायल कर दिया और पीड़ित छात्र का फोन भी छीन कर आधे घंटे तक कमरे में बंदी बनाए रखा।
बाद में किसी ने इस घटना की जानकारी हॉस्टल के वार्डन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड को दे दी। तब जाकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने 4 बजे भोर में राजाराम हॉस्टल पहुंचकर पीङित छात्र को मुक्त कराया और ट्रॉमा सेंटर पहुंचा कर घायल छात्र का मेडिकल और इलाज करवाया।