
सिविल लाइंस में ईसाई मिशनरियों को दी गई थी 28 हजार वर्ग मीटर की जमीन
99 साल के लीज पर थी जमीन, लीज खत्म होने के बाद जिला प्रशासन ने अपना दावा किया, कब्जे को लेकर हुआ विवाद
देर रात चला रहा कोतवाली में हंगामा, पीएससी बुलाकर मामले को किया गया शांत
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
कानपुर।
महानगर में सिविल लाइंस स्थित नजूल की जमीन पर कब्जे को भारी बवाल हुआ। मामला ईसाई मिशनरियों से जुड़ा होने के कारण लखनऊ से दिल्ली तक पहुंचा तो तगड़ा एक्शन लिया गया।
सादर तहसील के लेखपाल की ओर से देर रात प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार अवनीश दीक्षित समेत 13 नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने देर रात अवनीश दीक्षित को गिरफ्तार भी कर लिया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में वकील भी मौजूद थे। एहतियात के तौर पर परिसर में पीएसी तैनात की गई है। डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि एक पक्ष ने नजूल की 28 हजार वर्ग मीटर जमीन की पावर आफ अटार्नी अवनीश दीक्षित के नाम की थी। इसकी कीमत करीब एक हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। कब्जे की कोशिश के दौरान अवनीश मौके पर थे। इसीलिए उनकी गिरफ्तारी की गई। अन्य आरोपित भी पकड़े जाएंगे। उधर, गिरफ्तारी के बाद कोतवाली में देर रात तक हंगामा
होता रहा। महापौर प्रमिला पांडेय भी पहुंचीं और जानकारी ली।
इनपुट के अनुसार हडर्ड स्कूल के सामने एक बड़ा भूखंड खाली पड़ा है। जो ईसाई मिशनरियों को 99 साल के पट्टे पर दिया गया था। इस पर तीन पक्ष सैमुअल गुरुदेव, हरेंद्र मैसी और इमेनुल सिंह अपना-अपना दावा कर रहे हैं। इसका मामला अदालत में विचाराधीन है। आरोप हैं कि रविवार दोपहर हरेंद्र मसीह पक्ष के दर्जनों लोग गाड़ियों में भरकर पहुंचे और मुख्य गेट पर तैनात गार्ड को बंधक बना लिया। इसके बाद उन्होंने अंदर जाकर इमारत के दरवाजों पर ताले डाल दिए। जानकारी होते ही डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार भारी फोर्स के साथ पहुंचे।

पीएमओ से आया फोन हिल गया पंचम तल…
कानपुर सिविल लाइंन स्थित एक हजार करोड की नजूल की जमीन के कब्जे के विवाद में बताया जा रहा है कि इशाई मिशनरी संगठन से जुडा होने कारण लंदन से नई दिल्ली स्थित दूतावास में फोन घनघनाया। इसके बाद मामला पीएमओ कार्यालय पहुंचा। वहां से सीधे फोन आते ही लखनउ का पंचम तल हिल गया। सीएम योगी आदित्यनाथ कार्यालय ने मामले को संज्ञान लेकर कडी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद कानपुर कमिश्नरेट ने आनन फानन में दो एफआईआर दर्ज की। इसमें एक सैमुएल गुरूदेव की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में 191-2, 127-2, 324-4, 310-2, 61-2 जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इसमें डकैती, धमकी देकर वसूली करना और तोडफोड शामिल हैं। वहीं, बिना जांच पडताल के मुकदमा दर्ज किए जाने से कानपुर सहित प्रदेश भर के पत्रकारों ने ऐतराज कर ऐसी त्वरित कार्रवाई की कडी निंदा की है।
भारत समाचार ने कहा कि फंसाया गया
भारत समाचार न्यूज चैनल के ब्यूरो हेड अवनीश दीक्षित को जमीन कब्जाने के आरोप में रात में गिरफतार किया गया है। इसमें भारत समाचार की ओर से कहा गया है कि षडयंत्र के तहत उनके पत्रकार को फंसाया गया है। प्रशासन की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में झोल है। उसमे समय 10.15 मिनट के आसपास का दिखाया गया है। जब कि घर में लगे सीसीटीवी में वह उस टाइम पर अपने घर के बाहर दिख रहे हैं। चैनल प्रबंधन का कहना है कि उनके पत्रकार उत्पीडन किया जा रहा है।