
–दर्जन भर से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने नगर आयुक्त कार्यालय में किया था हंगामा
-जनसमस्याओं की अनदेखी से नाराज चल रहे कार्यकर्ता
-कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनता के लिए नगर आयुक्त का सीयूजी फोन भी नहीं उठता
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर।
नगर निगम मुख्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद-एबीवीपी का रौद्र रूप देखने को मिला। एबीवीपी के दर्जन भर से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता नगर आयुक्त कार्यालय में अपना आपा खो दिया। नगर आयुक्त को घेरकर जमकर हंगामा किया, नगर आयुक्त के कामकाज को लेकर भी खूब टीका-टिप्पणी की। करीब एक घंटे तक हंगामे का माहौल रहा। बाद में नगर आयुक्त ने समस्या सुनकर उनपर कार्रवाई करने का आश्वास दिया। इसके बाद कार्यकर्ता चले गए। वहीं, एबीवीपी के हंगामा को लेकर नगर निगम की यूनियन ने नाराजगी जताई और हडताल की धमकी दी है।
बुधवार की शाम करीब 5.30 बजे के आसपास नगर आयुक्त सुधीर कुमार कुछ अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे थे। एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री आशुतोष सिंह, मयंक पासवान कानपुर महानगर मंत्री, गुंजन सिंह पश्चिम जिला संगठन मंत्री, वैभव शुक्ला पूर्व जिला संयोजक उत्तर सहित कई पदाधिकारी मिलने के लिए पहुंचे। बाहर बैठे सुरक्षा कर्मियों ने मीटिंग का हवाला देकर अंदर जाने से मना कर दिया।

इसपर सुरक्षा गार्ड और नगर निगम कर्मचारियों से बहस हो गई। इसपर कार्यकर्ता हंगामा करके मीटिंग में घुस गए। इस दौरान जमकर हंगामा किया। एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री आशुतोष सिंह ने कहा कि जन समस्याओं को लेकर वह कई बार नगर निगम आ चुके हैं, सरकारी फोन उनके पीए लिए रहते हैं। नगर आयुक्त से बात तक नहीं करवाते हैं। उन्होने कहा कि अधिकारी मीटिंग मीटिंग करके जन समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। कहा कि शहर में मौसमी बीमारियों से निजात के लिए कोई उपाय नहंी है, कई जगह फुटपाथ टूटे हैं, अतिक्रमण से लोग परेशान हैं, सीवर समस्या बनी हुई है। अखिर अधिकारी रात दिन मीटिंग में क्या करते हैं,, हंगामा को देखकर नगर आयुक्त ने कहा कि पीएसी बुला रहे हैं, इसपर कार्यकर्ता और भडग गए । कहा कि बुला लीजिए पीएसी

आज…हम भी बुलाना जानते हैं। कुछ पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त से गुस्से में अभद्र टिप्पणी कर दी। पदाधिकारियों ने बतायाकि जलकल मुख्यालय के सामने एबीवीपी का कार्यालय है, उसके पास गंदगी का साम्राज्य है। कई बार शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं होती है।
