केंद्र सरकार ने रबर उत्पादकों को राहत देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 10 रुपये बढ़ाने के बाद अब रबर निर्यात पर इंसेटिव देने की घोषणा की है. रबर निर्यात पर इंसेंटिव प्रति किलो के हिसाब से मिलेगा और यह फिलहाल जून 2024 तक लागू रहेगा. रबर बोर्ड के अनुसार इस पहल से किसानों को काफी लाभ होने की उम्मीद है.
केंद्र सरकार ने रबर उत्पादकों को होली का तोहफा दे दिया है. दरअसल, करीब एक सप्ताह पहले सरकार ने रबर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 10 रुपये बढ़ा दिया था. अब सरकार ने रबर निर्यात पर इंसेटिव देने की घोषणा की है. रबर निर्यात पर इंसेंटिव प्रति किलो के हिसाब से जून 2024 तक मिलेगा. रबर बोर्ड के अनुसार इस पहल से किसानों को काफी लाभ होने की उम्मीद है, क्योंकि इस नीति से उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देकर प्राकृतिक रबर की कीमतें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
रबर बोर्ड ने रबर शीट निर्यात के लिए 5 रुपये प्रति किलोग्राम के प्रोत्साहन राशि की घोषणा की है. रिपोर्ट के अनुसार रबर बोर्ड के कार्यकारी निदेशक एम वसंतगेसन ने कहा कि प्रोत्साहन का उद्देश्य घरेलू कीमतों को स्थिर करना और निर्यात के अवसरों को बढ़ावा देना है. निर्यातकों को प्रेरित करने के उद्देश्य से जून 2024 तक कम से कम एक तिमाही के लिए 5 रुपये प्रति किलोग्राम के इंसेंटिव योजना की घोषणा की गई है. यह घरेलू बाजार को अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप स्थापित करने के लिए है.
गुणवत्ता की जांच करेगा रबर बोर्ड
रबर बोर्ड के अनुसार इंसेटिव केवल चार और उससे ऊपर ग्रेड के रिब्ड स्मोक्ड शीट्स (RSS) के निर्यात के लिए है. रबर बोर्ड के कार्यकारी निदेशक ने कहा कि रबर बोर्ड रबर की गुणवत्ता का निरीक्षण, परीक्षण और प्रमाणित करेगा ताकि निर्यातक इसे भारतीय प्राकृतिक रबर (आईएनआर) के तहत ब्रांड कर सकें. उन्होंने यह भी कहा कि प्रति निर्यातक के लिए अधिकतम सीमा दो लाख रुपये है.
300 रुपये कीमत करने की मांग
बीते महीनों में रबर उत्पादकों ने सरकार से मांग की थी कि रबर खरीद की कीमत 300 रुपये प्रति किलोग्राम तक की जाए. माना जा रहा है कि इन्हीं मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सप्ताह भर पहले एमएसपी 10 रुपये बढ़ा दिया था. अब सरकार निर्यात पर प्रति किलो 5 रुपये बढ़ाने की घोषणा कर दी है.
डेढ़ लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा
रबर बोर्ड के फैसले से डेढ़ लाख से अधिक छोटे और सीमांत रबर किसानों को लाभ होने की उम्मीद है. मांग और आपूर्ति के बीच काफी अंतर होने के बावजूद रबर की कीमत कम बनी होने से चिंतित किसानों को राहत मिलेगी. रबर बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार इस महीने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रबर की कीमत 200 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई है. मार्च के पहले सप्ताह में प्राकृतिक रबर की कीमत तेजी से बढ़ी, सात सप्ताह के अंतराल के बाद शुक्रवार को बैंकॉक बाजार में 204.80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई. इसके विपरीत घरेलू कीमत 169 रुपये प्रति किलोग्राम रही.