मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बड़े दामाद रत्नाकर सिंह का लखनऊ में बीमारी के चलते निधन हो गया। निधन के कारण दिग्विजय सिंह ने अपने पूर्व निर्धारित चुनाव कार्यक्रमों को रद्द कर दिए हैं। रत्नाकर सिंह बाराबंकी की रामनगर स्टेट के राज परिवार से ताल्लुक रखते थे। 61 वर्षीय रत्नाकर सिंह करीब एक साल से कैंसर से पीड़ित थे। उनके निधन की जानकारी दिग्विजय सिंह ने अपने एक्स हैंडल पर दी।
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के दामाद और बाराबंकी की रामनगर (धमेड़ी) स्टेट के राजा और समाजसेवी कुंवर रत्नाकर सिंह का आज लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह की बड़ी बेटी से राजा रत्नाकर सिंह की शादी हुई थी।
दामाद के निधन की सूचना मिलते ही दिग्विजय सिंह अपने सारे चुनावी कार्यक्रम कैंसिल करके रामनगर पहुंचे। राजा के अंतिम संस्कार में पूर्व सांसद पीएल पुनिया, बीजेपी की वर्तमान प्रत्याशी राजरानी रावत, पूर्व विधायक शरद अवस्थी, पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप समेत कई राज्यों के जाने-माने दिग्गज नेता और कई राज घराने के लोग पहुंचे।
रामनगर (धमेड़ी) स्टेट के राजा और समाजसेवी कुंवर रत्नाकर सिंह का लंबी बीमारी के इलाज के दौरान निधन हो गया। उनका दाह संस्कार पैतृक नगर रामनगर में किया जा रहा है। वहीं, राजा रत्नाकर सिंह के निधन की खबर सुनकर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। रामनगर स्टेट में जनता आखिरी दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को रखा गया है, जहां लोग पहुंच रहे हैं।
दशहरे से लेकर सभी त्योहारों में लेते थे भाग
आपको बता दें कि राजकुमार रत्नाकर सिंह बहुत ही सरल स्वभाव और सज्जन व्यक्तित्व के थे। वह गरीबों की मदद के लिए हर समय तैयार रहते थे। रामनगर में दशहरे से लेकर अनेक कार्यक्रमों में भाग लेते थे। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस के प्रदेश सचिव रहकर गांव से लेकर देश के हित में उन्होंने कई काम किए, जिनकी प्रशंसा लोग आज भी करते हैं।
क्षेत्र के लोगों के लिए मददगार रहा परिवार
रामनगर स्टेट के राजघराने का परिवार नगर पंचायत के निवासियों के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलता था। नगर के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक इस परिवार के लोगों की प्रशंसा करते हैं क्योंकि इस परिवार ने क्षेत्र में कभी किसी का नुकसान नहीं होने दिया। आज भी इन्हीं के परिवार के द्वारा बहुत बड़ी बाजार लगवाई जाती है। इस बाजार में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से भी काफी संख्या में लोग अपने सामान को बेचने व खरीदारी करने आते हैं।