कोर्ट ने भी इरफान को तलब करने का आदेश महाराजगंज जेल नहीं भेजा था। अब फैसले पर सुनवाई के दौरान महाराजगंज जेल में बंद इरफान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश होंगे, जबकि कानपुर जेल में बंद मुकदमे के बाकी तीनों अभियुक्तों रिजवान, शौकत व इसराइल को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया है।
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो, कानपुर | कानपुर के जाजमऊ आगजनी मामले में सपा विधायक इरफान सोलंकी व उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत पांच अभियुक्तों के खिलाफ चल रहे मुकदमे में आज एमपीएमएलए सेशन कोर्ट को फैसला फिर टल गया है। सुरक्षा कारणों के चलते महाराजगंज जेल में बंद इरफान को फैसला सुनने के लिए कोर्ट नहीं लाया गया।
डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि लोकसभा चुनाव का माहौल चल रहा है और अभियुक्त इरफान सोलंकी विधायक हैं। इसके अलावा रमजान का महीना भी चल रहा है और जुमे का भी दिन है। इन कारणों के मद्देनजर महाराजगंज जेल प्रशासन भी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इरफान को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश करने की बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराना चाहता था।
रिजवान ने कहा- हम सब बेगुनाह हैं
कोर्ट ने भी इरफान को तलब करने का आदेश महाराजगंज जेल नहीं भेजा था। अब फैसले पर सुनवाई के दौरान महाराजगंज जेल में बंद इरफान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश होंगे, जबकि कानपुर जेल में बंद मुकदमे के बाकी तीनों अभियुक्तों रिजवान, शौकत व इसराइल को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया है। पेशी पर कोर्ट जाते समय रिजवान ने कहा कि हम सब बेगुनाह हैं… दुआ करिए, सब अच्छा होगा। अधिकारी तक जानते हैं कि हकीकत क्या है। जमानत पर जेल से बाहर आ चुका मोहम्मद शरीफ भी फैसला सुनाने के लिए कोर्ट पहुंचा है।