यूपी के कानपुर में वोटिंग खत्म होने के बाद दो पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. इसके बाद एक पक्ष के कार्यकर्ता थाने पर पहुंचकर कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा किया.
कानपुर: बर्रा थाना क्षेत्र में वोटिंग समाप्त होने के बाद बवाल हो गया. छेदी सिंह का पुरवा में आर एस पब्लिक स्कूल में मतदान केंद्र बनाया गया था. मतदान खत्म होने के बाद गठबंधन के समर्थक गुड्डू यादव और भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय पासवान के बीच विवाद हो गया. आरोप है कि गुड्डू यादव के समर्थकों ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के ऊपर पथराव कर दिया. जिससे संजय और अन्य भाजपा कार्यकर्तों के चोट भी आई हैं.
आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीट दिया. इसके बाद पुलिस आरोपियों को गाड़ी में बैठाकर थाने लेकर पहुंची. जैसे ही आरोपियों को पुलिस थाने पर लेकर पहुंची बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और नेता पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया. भाजपा के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर लिया और जमकर हंगामा किया. दक्षिण के जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह के साथ-साथ अन्य भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता थाने में धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की. थाने में हंगामे की सूचना पाते ही मौके पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को शांत कराने का प्रयास में लग गए. वहीं, घायल बीजेपी कार्यकर्ता संजय पासवान ने आरोप लगाया है कि मोदी और योगी की नारेबाजी के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता गाली गलौज कर रहे थे. जिसका विरोध करने पर पथराव किया, जिसमें वह घायल हो गए.

एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा ने बताया कि यादव मार्केट क्षेत्र में पोलिंग समाप्त होने के बाद विभिन्न पार्टियों के एजेंट घर लौट रहे थे. तभी दो पार्टियों के कार्यकर्ताओं में झड़प हुई.जिसमें एक व्यक्ति के सिर में चोट आई है. इस मामले में तुरंत तहरीर लेकर कार्रवाई की जा रही है. आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. एडीसीपी ने बताया कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के साथ गाली-गलौज की, जिसके बाद यह झड़प हुई. पत्थरबाजी और गोली चलने की बात अफवाह है
कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया मामला
भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी और दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम कार्यकर्ताओं संग थाने पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। भाजपा नेताओं ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि वे कुछ लोगों को पकड़कर लाए थे, लेकिन चौकी इंचार्ज ने उन्हें छोड़ दिया। थाना पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर एडिशनल डीसीपी अंकिता शर्मा, एसीपी नौबस्ता मंजय सिंह पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।