
Saraswati Mantra Laghu: वसंत पंचमी यानी वसंतोत्सव नवीन ऊर्जा देने वाला प्रकृति का उत्सव है। इस तिथि से ही असहनीय सर्दी से मुक्ति देने का मौसम आरंभ हो जाता है। इस समय से प्रकृति में परिवर्तन आने लगता है। ऐसे पेड़-पौधे जो शिशिर ऋतु में अपने पत्ते खो देते हैं, वे पुनः नव-नव पल्लव और कलियों से युक्त हो जाते हैं। यह वसंतोत्सव माघ शुक्ल पंचमी से आरंभ होकर के होलिका दहन तक चलता है।
सके अलावा मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, साथ ही वसंत पंचमी के दिन पहली बार कामदेव और रति ने मानव ह्रदय में प्रेम और आकर्षण का संचार किया था। इसलिए इस दिन का महत्व छात्रों, कला, संगीत आदि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बेहद खास होता है।
साथ ही बसंत पंचमी का दिन पीले रंग के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन अन्न प्रासन, विद्यारंभ समेत सभी मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। यह भी माना जाता है कि वसंत पंचमी के दिन के सरल उपाय से मां शारदा शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं और अपना आशीर्वाद देती हैं। आइये जानते हैं वसंत पंचमी के आसान उपाय
मां सरस्वती के मंत्र का जाप
ज्योतिषाचार्य नीतिका शर्मा के अनुसार विद्यार्थियों को मां सरस्वती के लघु मंत्र ओम् ऐं सरस्वत्यै नम: को वसंत पंचमी से शुरू कर नियमित रूप से जपना चाहिए। विद्यार्थी रोज कुछ समय निकाल कर इस मंत्र से मां सरस्वती का ध्यान करें तो उन्हें विद्या, बुद्धि, विवेक का आशीर्वाद मिलता है।
विद्यारंभ
वैसे तो वसंत पंचमी अबूझ मुहूर्त है, इस दिन हर कार्य मंगलकारी है। लेकिन बसंत पंचमी तिथि पर मां सरस्वती की पूजा कर बच्चों को विद्यारंभ कराने से उन पर सदा ज्ञान की देवी का आशीर्वाद बना रहता है।
घर में रखें वीणा
ज्योतिषी नीतिका शर्मा के अनुसार व्यक्ति को वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर अवश्य स्थापित करना चाहिए। इसके अलावा संभव हो तो घर में वीणा रखें, इससे घर में रचनात्मक वातावरण निर्मित होता है।
घर में हंस की तस्वीर
घर में मां शारदा से जुड़ी चीजें रखनें से उनका आशीर्वाद मिलता है। यदि आप घर में हंस की तस्वीर रखते हैं तो इससे आपके मन को शांति मिलती है और एकाग्रता बढ़ती है।
मोर पंख
मोर को मां शारदा का वाहन माना जाता है, इसके अलावा यह भगवान कृष्ण का भी श्रृंगार है। इसलिए घर के मंदिर में मोर पंख रखने से नकारात्मक ऊर्जा का अंत होता है।
कमल का फूल
ज्योतिषाचार्य नीतिका शर्मा के अनुसार वसंत पंचमी पर कमल के फूल से मां की पूजा करनी चाहिए। इससे मां सरस्वती का आशीर्वाद मिलता है।
कामदेव रति की पूजा
बसंत पंचमी के दिन भगवान कामदेव और रति की भी पूजा करनी चाहिए। इससे कला, संगीत में अच्छी सफलता का आशीर्वाद मिलता है।
पीले भोग
बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा में पीले भोग, व्यंजन, फूल चढ़ाना चाहिए। क्योंकि मान्यता है कि पीली चीजें उन्हें बेहद प्रिय होती हैं। इससे मां शारदा जल्दी प्रसन्न होती हैं और भक्त को अपना आशीर्वाद देती हैं।