केडीए में इंजीनियर और अफसरों की सांठगांठ से माया बिल्डर ने सरकार को लगाया करोडों का चूना
-अधूरे कागजों से दिया गैरअनुभवी फर्म को 10 करोडा रूप्यों का फायरफाइटिंग का ठेका दिए जाने का मामला खुला
-केडीए के कई वरिष्ठ लिपिक और अफसरों की सेटिंग से हुआ था भ्रष्टाचार
-शासन में शिकायत के बाद भी रिपोर्ट नहीं भेज रहे केडीए अधिकारी
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर।
कानपुर विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार का खेल जारी है। माया बिल्डर ने केडीए काकस से मिलकर करोडों रूप्यों की चपत लगा दी। जीरो टालरेंस नीति पर काम कर रही योगी सरकार को भी बदनाम करने से नहीं हिचक रहे हैं। शासन में शिकायत के बाद मामला दबाने का प्रयास किया जा रहा है। डीएम कानपुर के पास ही उपाध्यक्ष का चार्ज है। हाल यह हैं कि डीएम के पास केडीए में बैठने का समय नहीं है, इसका फायदा सीधे माफियाओं को मिल रहा है।
बी ब्लाक पनकी कानपुर निवासी दिनेश सिंह ने आरोप लगाया था कि शताब्दीनगर आवासीय योजना एवं जवाहरपुरम स्थित एफोडिबिल आवासों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाए जाने के लिए 20-08-2020 को टेंडर निकाला गया। इसमें एकता एलेक्टिकल्स, कृष्णा रेफ्रीजेशन, हर्ष कांस्टेक्शन, मे. माया बिल्डर्स, राॅयल मेरीडियन, सुकाई इंजीनियर्स सहित यूपी डेवलपर्स एंड कांस्टेक्शन फर्म ने प्रतिभाग किया। इनमें माया बिल्डर और यूपी डेवलपर्स फर्म को क्वालीफाइ दिखाया गया। जिसके संचालक अश्वनी तिवारी बताए गए हैं। तत्कालीन मुख्य अभियंता डीसी श्रीवास्तव और केडीए लिपिकों की मिलीभगत से अनक्वालीफाइड फर्म माया बिल्डर्स को टेंडर आवटिंत कर दिया गया। जब कि उक्त फर्मो में कई अर्हताएं पूरी करती थीं लेकिन इसके बाद दी उनको रिजेक्टेेड कर दिया गया। आरोप यह हैं कि मे0 माया बिल्डर ने कभी भी फायर फाइटिंग का कार्य भी नहीं किया। इसके बाद भी उसको टेंडर देकर भ्रष्टाचार किया गया। वहीं, आरोप यहां तक हैं कि एडवांस में 3 करोड रूप्ए का भुगतान कर दिया गया। अब शासन ने उससे जुडी जांच और रिपोर्ट मांगी तो इसपर पर्दा डालने का कार्य किया जा रहा है। केडीए सचिव शत्रोहन वैश्य ने बताया कि फाइल निकालकर परीक्षण कराया जाएगा। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
शासन के पत्रों को दबाया जा रहा
शासन ने केडीए उपाध्यक्ष को पत्र संख्या 1-313737-2023 दिनांक 8 मई 2023 भेजकर जांच कर रिपोर्ट मांगी थी लेकिन जांच छोडिए शासन के पत्र को ही दबा दिया गया क्यों कि केडीए में लिपिक से लेकर इंजीनियर और कुछ अफसर इस भ्रष्टाचार में शामिल बताए गए हैं। मामले को रफादफा करने का प्रयास है। इसी बीच आवास एवं शहरी अनुभाग-9 ने 13 फरवरी 2023 को दोबारा पत्र जारी करके माया बिल्डर से जुडी रिपोर्ट और तलब की है। शासन द्वारा बार बार रिपोर्ट मांगे जाने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। इस मामले में जोन-2 का काम देख रहे अधिशाषी अभियंता अजय पंवार ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले ही जोन का चार्ज मिला है, हमे इस विषय पर कोई जानकारी नहीं है।
जल्द ही बडे नामों का होगा खुलासा
इस टेंडर घोटाले में की गई शिकायत में केडीए के कई बडे बडे लोगों के नाम लिखे गए हैं। उनके नामों का भी ख्ुालासा किया जाएगा। कैसे माया बिल्डर पर कृपा बरसाई गई है। केडीए से जुडे सूत्रों का दावा है कि केडीए में भ्रष्टाचार और सेटिंग के दम पर देखते ही देखते ठेकेदार अश्वनी तिवारी ने बडा साम्राज्य खडा कर दिया। इसकी जांच हुई तो कई के खेल के खुलना तय है। वर्तमान प्रभारी मुख्य अभियंता आशु मित्तल का कहना है कि मामले की जानकारी हमे नहीं है, शिकायत फर्जी लग रही है। वहीं जब शासन द्वारा भेजे गए पत्र के बारे में मुख्य अभिंयता से जिक्र किया गया तो उन्होने चुप्पी साध ली।