Friday, April 4, 2025
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कानपुर : 11 लाख रुपए के फर्जीवाड़े में बाबू निलंबित, भूमि को उपजाऊ बनाने के नाम पर हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा

बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के नाम पर फर्जी कार्य दिखाकर 11 लाख रुपये का गलत तरीके से भुगतान करने वाले बाबू (दिलीप पटेल) को निलंबित कर दिया है। संयुक्त कृषि निदेशक आलोक तिवारी के निर्देश के बाद जिला भूमि संरक्षण अधिकारी आरपी कुशवाहा ने की

विशेष संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर।
कानपुर में विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा की जानकारी के बाद कार्रवाई शुरु हो गई है। बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के नाम पर फर्जी कार्य दिखाकर 11 लाख रुपये का गलत तरीके से भुगतान करने वाले बाबू दिलीप पटेल को निलंबित कर दिया है। संयुक्त कृषि निदेशक आलोक तिवारी के निर्देश के बाद जिला भूमि संरक्षण अधिकारी आरपी कुशवाहा ने की। संयुक्त कृषि निदेशक आलोक तिवारी ने बताया कि बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। ये विभाग की बड़ी लापरवाही है और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए निलंबन की कार्रवाई की गई है। तीन सदस्यीय कमेटी अपनी जांच करेगी। इसमें प्रधानों और योजना प्रभारियों से पूछताछ की जाएगी। उसमें बाबू के साथ जिसकी भी भूमिका सामने आएगी सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।

तालाब खोदाई में किया फर्जीवाड़ा

भूमि संरक्षण विभाग में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जलागम विकास घटक परियोजना का संचालन दो वर्षों से किया जा रहा है। इसके तहत गंगा किनारे बसे गांवों की बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया जाता है। इसमें विभाग मेड़बंदी, तालाब खोदाई और अन्य कच्चे काम कराता है।

फर्जीवाड़ा इस प्रकार किया था
योजना के तहत वर्ष 2022 में घाटमपुर ब्लॉक की बावन ग्राम पंचायत में 750 हेक्टेयर और कोरियां गांव में करीब 600 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई थी। बावन गांव में करीब 13 लाख रुपए और कोरियां गांव में करीब 28 लाख रुपये से काम कराने की परियोजना बनी थी।
शासन से जारी धनराशि में विभाग के बाबू दिलीप पटेल ने बावन गांव में करीब सात लाख रुपए का सही भुगतान और पांच लाख रुपये का भुगतान अपने करीबी के खाते में कर दिया था। इसी तरह कोरियां गांव में 28 लाख रुपये का सही भुगतान हुआ, लेकिन पांच लाख रुपए का फर्जी काम दिखाकर भुगतान कर दिया। संयुक्त कृषि निदेशक ने बाबू निलंबित करने के आदेश दिए।

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