
राम मंदिर के उद्घाटन हुए अभी 6 महीने हुए है लेकिन पहली बारिश में ही मंदिर के छत से पानी टपकने लगा। अब इसे लेकर मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा है कि मंदिर निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता है। राम मंदिर के गर्भ गृह में पानी भरने की दो वजह हैं। पहली कि गर्भ गृह के आगे अभी गुढी मंडप का निर्माण पूरा नहीं हुआ है इसके चलते बारिश का पानी मंदिर में आ गया और दूसरा कि मंजिल की छत पर बिजली कतार डालने के लिए पाइप लगाई गई है, किसी पाइप के जरिए पानी पहुंचा है। उनका कहना है कि मंदिर की छत टपकने को लेकर कुछ लोगों ने भ्रम फैलाया है। मंदिर निर्माण उच्चतम गुणवत्ता से किया जा रहा है। माह में दो बार सीबीआरआई के इंजीनियर अयोध्या आकर निर्माण कार्यों की जांच करते हैं।
नागर शैली में सभी तरफ से मंदिर बंद नहीं किया जाता
गर्भ गृह में जल निकासी की समस्या को लेकर नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि साधु संतों की राय थी कि भगवान के स्नान और श्रृंगार के जल को एक कुंड में एकत्रित किया जाए। पानी निकासी के लिए सभी मंडप में परनाला बनाया गया है। इसके अलावा मंदिर के फर्श को इस तरह से बनाया गया है ताकि अपने आप पानी बाहर निकल सके। उन्होंने कहा कि नागर शैली में सभी तरफ से मंदिर को बंद नहीं किया जाता। मंदिर में मंडप के दाएं और बाएं तरफ का हिस्सा खुला हुआ है। इस कारण संभव है कि तेज बारिश होने पर मंदिर परिसर में छींटे आ जाएं।
15 अगस्त तक श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगी डिजिटल गैलरी
राम कथा संग्रहालय के सुंदरीकरण का काम भी शुरू हो चुका है। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि पहले चरण में बिजली का काम चल रहा है। चार महीने में संग्रहालय की गैलरियों में सामान रखने का काम शुरू हो जाएगा। उससे पहले पर्यटन विभाग ने जो डिजिटल गैलरी बनाई है, कोशिश रहेगी की 15 जुलाई या 15 अगस्त तक श्रद्धालुओं के लिए खुल जाए।