
बिना परमिशन और मानक विहीन हॉस्पिटल बन रहे मौत के सौदागर
आशा बहुएं कमीशन के लालच में बन रही निजी अस्पतालों की बिचौलिए
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
माती(कानपुर देहात)।
डॉक्टर को भगवान का रूप बताया गया है, सरकार की तरफ़ से प्रत्येक कस्बा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जनपद में एक जिला अस्पताल बनवाए गए हैं, जिससे आम जनता को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। वहीँ पर ग्रामीण अंचल में गर्भवती महिलाओं को बिना किसी परेशानी के इन स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक आशा बहू की नियुक्ति की गई है।इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ़ से प्राइवेट अस्पतालों को भी मंजूरी दी जाती है। सारे सिस्टम को अच्छी तरह से संचालित करने के लिए जनपद में एक मुख्य चिकित्सा अधिकारी होता है। इसके बाद भी अगर ग़लत तरीके से बिना परमिशन के होने वाले मानक विहीन हॉस्पिटल संचालित व इनमें मरीजों के साथ आय दिन होने वाली घटनाओं का जिम्मेदार आखिर कौन होगा??
ऐसा ही एक मामला जनपद कानपुर देहात रूरा थाना क्षेत्र विकासखंड झींझक अमौली ठाकुरान का है। जहाँ के निवासी सोनू संखवार ने पुलिस अधीक्षक व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया है, हमारी 28 वर्षीय गर्भवती पत्नी को गाँव में नियुक्त आशा बहू 1 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झींझक लेकर गई थी, वहां के चिकित्सकों द्वारा बच्चा ऑपरेशन से होने को बताकर जिला अस्पताल के लिए रेफ़र किया, लेकिन साथ में गई आशा शशी देवी ने नार्मल डिलेवरी की जिद करते हुए झींझक में फर्जी तरीके से संचालित अभिराज मैटरनिटी नर्सिंग होम में ले गई, जहां मौजूद चिकित्सक पंकज व रीना सिंह के ग़लत उपचार से जच्चा और बच्चा की हालत गंभीर हो गई जिसे हॉस्पिटल के ही कर्मचारियों द्वारा अल्का हॉस्पिटल कल्यान पुर ले जाया गया, वहां कोई फायदा न मिलने के बाद रीजेंसी हॉस्पिटल कानपुर ले गए जहाँ के चिकित्सकों ने जच्चा और बच्चा को मृत घोषित कर दिया जिसका कारण पूर्व में हुए ग़लत उपचार बताया, जिसका मृतका के पति सोनू संखवार ने मंगलपुर थाने में शिकायती पत्र दिया, कई दिन बीत जाने के बाद कोई कानूनी कार्यवाही न होने पर 11जून को पुलिस अधीक्षक व मुख्य चिकित्सा अधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है, इस सम्बंध में जब स्वराज इंडिया के संवाददाता ने थाना प्रभारी मंगलपुर से बात की तो उन्होंने बताया तहरीर मिलने के बाद जांच चल रही है,इसके बाद कार्यवाही की जाएगी,
बड़ी बात ये है इस तरह से जनपद में फर्जी तरीके से संचालित मानक विहीन हास्पिटलों व क्लीनिकों पर कार्यवाही कब होगी, आखिर आय दिन होने वाली इन घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा ?
क्या इसी तरह से जनता के स्वास्थ्य व जिंदगी से खिलवाड़ होता रहेगा?