
–सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों के आरक्षित कोचों में जनरल से ज्यादा बदतर स्थिति
-स्टेशनों पर अभ्यर्थियों के लिए किए गए इंतजाम नहीं दिखे
-विशेष ट्रेनों का फायदा भी अभ्यर्थियों को नहीं मिल सका
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर।
उप्र में पुलिस आरक्षी के 60 हजार से अधिक पदों के लिए 40 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा चल रही हैं। केंद्रों पर पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों को कडी मशक्कत झेलनी पड रही है। राज्य सरकार एवं रेलवे द्वारा किए गए इंतजाम नाकाफी दिखे। टे्रनों के आरक्षित कोचों में अभ्यर्थियों के घुसने से यात्रियों को घोर असुविधाओं का सामना करना पडा। रेलवे द्वारा विशेष ट्रेन चलाने के वादे भी कमजोर नजर आए। इसका खामियाजा आम यात्रियों को झेलना पड रहा है।
अरसे बाद यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा युवाओं के लिए बडा ’मौका’ की तरह है। इस लिए गांव से लेकर शहर के लाखों युवा सरकारी नौकरी चाहत में लिखित परीक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर आ जा रहे हैं। रेलवे द्वारा किए गए इंतजामों की पोल खुली नजर आई। 24 अगस्त की रात को कोटा से पटना जा रही गाडी संख्या 13240 पनबेल सुपरफास्ट एक्सप्रेस के आरक्षित कोचों में अभ्यर्थी जबरन घुस गए। स्लीपर क्लास में सो रहे लोगों को सीटों से उठा दिया। कई अभ्यर्थी कोच की फर्श पर चददर डालकर सो गए। इससे यात्रियों को टायलेट तक जाने में मुश्किलें हो गई। यह ट्र्रेन मथुरा, आगरा, इटारा, रूरा, कानपुर, लखनउ, सुलतानपुर व वाराणसी होते हुए पटना की ओर जाती है। लंबी दूरी के साथ अधिकतर जिलों से लिंकअप के कारण यह ट्रेन अभ्यर्थियों के लिए सहूलियत वाली है। अभ्यर्थियों ने बताया कि बसों में भीड के कारण चढ पाना मुश्किल है। ट्रेनों के जनरल डिब्बों में सांस लेने की जगह नहीं है। इसलिए वह मजबूरी में आरक्षित कोच में आ गए हैं। रेलवे ने दावे तो बहुत किए थे लेकिन किया कुछ नहीं। टे्रनों में अतिरिक्त जनरल कोच बढाने चाहिए लेकिन कुछ नहीं किया गया। इस वजह से उन लोगों को दिक्कत हुई है।
प्लेटफार्म पर ही बिताई अधिकतर ने रात
पुलिस अभ्यर्थियों के लिए सबसे सुरक्षित और मुफीद रेलवे स्टेशन हैं। कानपुर, मथुरा, आगरा सहित अन्य स्टेशनों के प्लेटफार्मो में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी पन्नी, चादर बिछाकर सोते नजर आए। कानपुर सेंट्रल स्टेशन के फुट ओवरब्रिज पर ही सैकडों अभ्यर्थी सोते हुए मिले। इनमें कई युवतियां भी थीं जो कि अपने अपने परिजनों के साथ आई थी। रेलवे के इंतजाम यहां भी नजर नहीं आए। रेलवे को कुछ खास जगहों पर यात्रियों के ठहरने के लिए जगह देनी चाहिए, जिससे कि अन्य यात्रियों को मुसीबत न हो लेकिन कागजों पर ही सारे दावे किए गए।
टायलेट के बाहर लंबी लाइन
कानपुर सेंट्रल के सिटी साइड स्थित सामुदायिक शौचालय में समय करीब सुबह 5 बजे अभ्यर्थियों की लंबी लाइन लगी हुई दिखी। तमाम अभ्यर्थी यहीं से फे्रश और नहा धोकर सीधे परीक्षा केंद्रों की ओर निकल गए। भीड के चलते अन्य यात्रियों को घोर दिक्कतों का सामना करना पडा। बारिश के चलते सिटी साइड के दोनों प्रवेश द्वारों पर कीचड नजर आया।