
राष्ट्रपति के पैतृक गांव में दम तोड़ने लगी प्रस्तावित लाखों की परियोजनाएँ
कानपुर देहात के अफसर नहीं दे रहे ध्यान, इसी लिए बीजेपी का बुरा हाल हुआ
एक बूंद पानी को तरस रहा बन्दी तालाब से बना अमृत सरोवर
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
कानपुर देहात। विकासखंड डेरापुर का परौख गाँव जो पूर्व राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद जी का पैतृक गाँव है। यहाँ पर बना तालाब कभी बंदी तालाब के नाम से यह जाना जाता था, जिसकी पहचान अब अमृत सरोवर से है। इसके लिए प्रशासन ने बड़ी बड़ी योजनाएँ धरातल पर बनाई थी जिसमें मवेशियों का तालाब में प्रवेश रोकने के लिए पोल लगाकर जाली लगाने का किया गया था। तालाब के किनारे लोगों को टहलने के लिए पथ का निर्माण। आनन फानन में तालाब की मछलियों को भी निकालकर ठेकेदार दूसरे तालाब में ले गए थे।
तालाब को करीब 20 फीट गहरा बनाया गया। इसके चारों तरफ अशोक स्तंभ भी लगाए गए, जो इसकी सुंदरता को बढ़ाता है। इसके अलावा बेंच भी लगाई गई योजना तो ये भी थी कि किनारों पर सुगंधित फूलों के पौधे की क्यारी तैयार की जाएगी। सरोवर में 25 मीटर का सीढ़ीदार घाट तैयार किया जाएगा। जिसके लिए अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आरपी सिंह ने बताया था सरोवर का फायदा गांव के लोगों को मिलेगा, महामहिम के राष्ट्रपति पद पर रहते आधे तो काम हो गए, लेकिन उनके पद के आगे पूर्व राष्ट्रपति लगते ही प्रस्तावित सारे विकास कार्य ठप हो गए। यहाँ तक कि लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी इतनी भीषण गर्मी में अभी तक नही भराया गया पानी अमृत सरोवर तालाब बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहा है जिला प्रशासन लगातार बैठकर निर्देश दे रहा है लेकिन सचिव और प्रधानों की मनमानी से डीएम और सीडीओ के निर्देश सिर्फ कागजों में ही सीमित रह गए हैं जिससे प्रतीत हो रहा है लेकिन डीएम और सीडीओ के निर्देश सचिव और प्रधान नही मानते हैं

इस संबंध में स्वराज इंडिया संवाददाता को खंड विकास अधिकारी शिव गोविन्द पटेल ने बताया कि जानकारी मिली है। सचिव को तत्काल पानी भरने के निर्देश दिए गए हैं जल्द ही पानी भरवाया जायेगा।