
भगवान शिव की चांदी की गदा ‘छड़ी मुबारक’ के अमरनाथ की पवित्र गुफा में पहुंचने के बाद 52 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा संपन्न हो गई। जहां सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ‘श्रावण पूर्णिमा’ के अवसर पर पारंपरिक पूजा-अर्चना की गई। एक भगवान शिव और दूसरी देवी पार्वती का चित्रण करने वाली ‘छड़ी मुबारक’, महंत दीपेंद्र गिरि और साधुओं के एक समूह के नेतृत्व में आज दोपहर पंचतरणी से समुद्र तल से 12,756 फीट की ऊंचाई पर गुफा मंदिर पहुंची और वैदिक भजन व धार्मिक उत्साह के बीच पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान देश और जम्मू-कश्मीर की शांति, प्रगति तथा स्थिरता के लिए विशेष प्रार्थना भी की गई।
अमरनाथ यात्रा 29 जून को गांदरबल के बालटाल और अनंतनाग जिले के नुनवान पहलगाम के जुड़वां मार्गों से शुरू हुई थी और सोमवार को रक्षा बंधन के अवसर पर समाप्त हुई। जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा अभूतपूर्व व्यवस्था के बीच, इस वर्ष भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेश से पांच लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने गुफा मंदिर में पूजा की। 2023 में 4.5 लाख यात्रा में शामिल हुए थे। 2012 में रिकॉर्ड 6.35 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए थे।