समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। कन्नौज के मौजूदा भाजपा सांसद सुब्रत पाठक हैं। वह इस बार भी मैदान में हैं और नामांकन करा चुके हैं। सपा के दांव पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में अखिलेश यादव सबसे बड़ा सांप्रदायिक चेहरा हैं। वह माफियाओं के मातम में जाते हैं। कन्नौज की जनता ने हमेशा इतिहास लिखा है।
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इससे पहले भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक ने भी अपना नामांकन दाखिल किया था।
कन्नौज के मौजूदा भाजपा सांसद सुब्रत पाठक हैं। वह इस बार भी मैदान में हैं और नामांकन करा चुके हैं। सपा के दांव पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में अखिलेश यादव सबसे बड़ा सांप्रदायिक चेहरा हैं। वह माफियाओं के मातम में जाते हैं। कन्नौज की जनता ने हमेशा इतिहास लिखा है। इस बार भी अखिलेश को पराजित करने का मन हर जन बना चुका है। फिर बनने जा रहा इतिहास दुनिया देखेगी।
अखिलेश यादव के कन्नौज से नामांकन भरने पर भाजपा नेता अपर्णा यादव ने कहा, “लोग भाजपा को पूर्ण बहुमत से जीताने का मन बना चुके हैं… जहां तक समाजवादी पार्टी और आईएनडीआईए की बात है तो इनके बड़े नेताओं ने अब चुनावी मैदान में उतरने का तय किया है, क्योंकि उन्हें पीएम मोदी से डर हैं, इसलिए वे अपने बड़े नेताओं को मैदान में उतार रहे हैं… नेताजी(मुलायम सिंह यादव) ने बहुत सारी सीटों को सुरक्षित बनाया, लेकिन उन सीटों पर भी भाजपा ने अपनी मेहनत से कमल खिलाया है।
अपर्णा यादव ने कहा, ”INDIA” गठबंधन के लोगों ने तय किया है कि पीएम मोदी का मुकाबला करने के लिए इनके शीर्ष नेतृत्व को उतरना पड़ेगा, इसी के तहत उन्होंने (अखिलेश यादव) अपना नामांकन दाखिल किया है। प्रधानमंत्री तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे, कोई भी मैदान में उतर जाए, भाजपा अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।”
बता दें, कन्नौज लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों ही दलों के दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। समाजवादी पार्टी में स्वयं अखिलेश यादव पर ही इस सीट को लेकर जिम्मेदारी है। इसी तरह भाजपा में सांसद सुब्रत, समाज कल्याण मंत्री व सदर विधायक असीम अरुण, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य, छिबरामऊ, तिर्वा व रसूलाबाद विधायक क्रमश: अर्चना पांडेय, कैलाश राजपूत व पूनम संखवार की प्रतिष्ठा लगी है।
चौथी बार जीत का करेंगे प्रयास
अखिलेश यादव कन्नौज लोकसभा सीट पर चौथी बार जीत का प्रयास करेंगे। यह सीट उनसे काफी हद तक जुड़ी हुई है। कन्नौज लोकसभा सीट से ही उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 2000 से की थी। 2012 तक वे कन्नौज सीट से सांसद रहे। 2012 में मुख्यमंत्री बनने के बाद इस सीट से उनकी पत्नी डिंपल यादव निर्विरोध निर्वाचित हुईं। 2019 के लोकसभा चुनाव में सुब्रत पाठक ने समाजवादी पार्टी के गढ़ में सेंधमारी कर दी। एक बार फिर अखिलेश यहां पर अपना वर्चस्व स्थापित करने का प्रयास करेंगे। हालांकि, वे दिल्ली की राजनीति में आएंगे या फिर लखनऊ में रहकर प्रदेश की राजनीति करेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।