स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | कन्नौज में आज (25 अप्रैल) नामांकन का आखिरी दिन है. उसके ठीक पहले सपा ने बड़ा फैसला लिया है और खुद पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को उम्मीदवार बनाया है. अखिलेश आज दोपहर में कन्नौज सीट से नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. सपा का कहना है कि स्थानीय नेतृत्व के दबाव के कारण पार्टी को फैसला बदलना पड़ा. स्थानीय नेता पहले घोषित किए गए उम्मीदवार तेज प्रताप यादव को स्वीकार नहीं पा रहे थे. साल 1999 से 2019 तक कन्नौज सीट पर यादव परिवार का ही कब्जा रहा है.
अब यह साफ हो गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उम्मीदवार होंगे और दमखम दिखाएंगे. इस बार वो कन्नौज से चुनाव लड़ने जा रहे है. 2019 में अखिलेश ने आजमगढ़ से चुनाव लड़ा था. अखिलेश अभी मैनपुरी जिले की करहल सीट से विधायक हैं. फिलहाल, इत्रनगरी के नाम से मशहूर कन्नौज सीट एक बार फिर बीजेपी और और समाजवादियों के लिए नाक का सवाल बन गई है. अखिलेश के सामने बीजेपी के सुब्रत पाठक होंगे. उन्होंने 2019 के चुनाव में अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव को हराया था.
कन्नौज सदियों से इत्र उद्योग में अग्रणी रहा है और इत्र ही यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. प्राचीन शहर की संकरी गलियां इत्र और इत्र की दुकानों का केंद्र हैं. इस सीट से अखिलेश पहले भी लोकसभा सांसद रहे हैं. वे 2012 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से पहले तीन बार कन्नौज से सांसद रहे. या यूं कह लीजिए कि अखिलेश ने साल 2000 में अपनी सियासी पारी का आगाज इसी सीट से किया था. अखिलेश ने पिता मुलायम सिंह के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट से उपचुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी.