बोर्ड लगाकर पेंट से लिखा अवैध अतिक्रमण न करें

स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो कानपुर। पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष अवनीश दीक्षित पर जमीन कब्जाने का आरोप लगने के बाद अब सिविल लाइंस स्थित केस्को मुख्यालय के सामने 15/62 अरबों रूपये की नजूल की जमीन पर प्रशासन का ताला लग गया है। रविवार को एसडीएम सदर प्रखर कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर नजूल की जमीन पर कब्जा लिया। साथ ही गेट और दीवार पर सरकारी जमीन लिखते हुए हिदायत भी तामील की गई। डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नजूल की जमीन पर प्रशासन ने कब्जा ले लिया है। अब यहां पर किसी का भी दावा नहीं है और यह जमीन प्रशासन के अधीन है। यहां रहने वालों को जमीन जल्द खाली करने का आदेश दिया गया है। जिन नजूल की भूमि की जांच चल रही है उसको भी सरकारी भूमि दर्ज किया जाएगा।
जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद तुरंत एक्शन
हडर्ड स्कूल के सामने नजूल की जमीन पर कब्जे का मामला सामने आने के बाद डीएम ने जांच टीम गठित की थी। इसमें एसडीएम सदर प्रखर कुमार, तहसीलदार रितेश कुमार और एसीएम सप्तम सुरेंद्र बहादुर को नामित किया है। टीम ने विभागीय दस्तावेजों की पड़ताल की।
सिविल लाइंस स्थित 15/62 नजूल की जमीन 69, 69 ए, बी और सी के नाम पर प्रचलित है। यहां पर 69 में 15688 वर्गमीटर, 69 ए में 1665.57 वर्गमीटर, 69 बी में 5865 वर्गमीटर और 69 सी में 340 वर्गमीटर जमीन है। चारों जमीनें लीज पर वूमेंस यूनियन मिशन सोसाइटी ऑफ अमेरिका को लीज पर दी गई थीं। सोसाइटी का नाम बदलकर बिना डीएम की अनुमति के जमीन को खरीदा बेचा गया। लीज खत्म होने के बावजूद अवैध तरीके से खरीद-फरोख्त होती रही। प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। यहां अवैध तरीके से जमीन में कब्जा करने का प्रयास हुआ था। उसके बाद डीएम ने एसडीएम सदर से जमीन की रिपोर्ट तलब की थी। एसडीएम सदर की रिपोर्ट पर डीएम ने आदेश जारी करके नजूल रजिस्टर में जमीन को सरकारी भूमि में दर्ज करा दिया। एसडीएम सदर प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि जमीन को नजूल रजिस्टर में दर्ज किया जा चुका है। अब यहां पर प्रशासन का ताला गेट पर लगा दिया गया है। यहां रहने वालों को यहां से जल्द हटने को लेकर निर्देशित किया गया है। अन्य नजूल की जमीनों की जांच के बाद उसपर निर्णय लिया जाएगा।

सिविल लाइंस स्थित 15/62 नजूल की जमीन पर कब्जा लेने के लिए एसीपी कोतवाली, एसीएम सात, तहसीलदार, लेखपाल, एसएचओ कोतवाली समेत कई अफसर मौजूद रहे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई। गेट पर प्रशासन द्वारा अपना ताला डाला गया, बोर्ड एवं पेंट से अवैध अतिक्रमण न करने हेतु हिदायत देते हुए लिखवाया गया।