
प्रमुख संवाददाता, स्वराज इंडिया, कानपुर। नगर आयुक्त सुधीर कुमार के सख्त निर्देशों के बावजूद कुछ विभाग बेलगाम हैं। यहां पर रिटायर्ड कर्मियों एवं दलालों का सिंडीकेट बनाकर नगर निगम के खजाने को चूना लगाया जा रहा है। नगर निगम की कानपुर में तमाम वेशकीमती संपत्तियां धूल खा रही हैं या फिर कब्जे का शिकार हैं लेकिन संपत्ति विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दलाली में जुटे हैं।
गोपनीय इनपुट के अनुसार जुनेद आलम दो साल पहले ही संपत्ति विभाग से लेखाकार के पद से रिटायर हो चुका है लेकिन इसके बाद भी उसका दखल खत्म नहीं हुआ है। लिपिक अमन निगम से मिलीभगत करके महाबलिपुरम योजना सहित अन्य इलाकों की संपत्तियों की रजिस्ट्री, लीज पर खेल किया जा रहा है। जब कि जनता परेशान होती है लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं होती है। दलालों के माध्यम से ही बारातशाला, हो फिर रैनबसेरे ओर अन्य संपत्तियों की आवंटन और निरस्तीकरण का खेल चल रहा है।
हालात यह है कि जोन-2 के जोनल प्रभारी अनिरूद्ध सिंह ही संपत्ति विभाग के प्रभारी हैं लेकिन उनको कोई जानकारी नहंी है। जब रिटायर कर्मियों के विभाग में दखल को लेकर संवाददाता द्वारा सवाल पूछा गया तो कहा कि हमे इस तरह की जानकारी नहीं है न ही कोई शिकायत आई है। वहीं, रिटायर्डकर्मी को कभी किसी फाइल य अन्य जानकारी के लिए बुलाया जाता है।

लिपिक अमन निगम तबादले के बाद भी जमे
संपत्ति अनुभाग में तैनात लिपिक अमन निगम का तबादला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में किया गया था लेकिन अबतक अपनी सीट पर जमे हुए हैं। पटल पर बैठकर कार्यो को अंजाम दे रहे हैं। इनपुट है कि वह संपत्ति विभाग में अवैध कमाई के कारण जगह नहीं छोडना चाहते हैं, यही वजह है कि सेटिंग करके तबादला रूकवाने में जुटे हैं। वहीं, कार्मिक प्रभारी विद्यासागर सिंह यादव ने बताया कि तबादला वाले कर्मियों का पता करके रिलीव कराया जाएगा। अगर इसके बाद भी ज्वाइन करेंगे तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।