
कानपुर में आईटीआई का प्रशिक्षण युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। कंपनियों को बदलती मांग व ट्रेड के अनुसार काबिल उम्मीदवार नहीं मिलने से यहां के प्रशिक्षण पाए छात्र हाथों में हुनरमंद होने का प्रमाण पत्र लिए बेरोजगार घूम रहे हैं। बेरोजगारों के बढ़ने की कहानी खुद राजकीय आईटीआई में लगने वाले रोजगार मेले बयां कर रहे हैं।
पिछले साल औसतन हर मेले में यहां 251 युवाओं को नौकरी मिली, जबकि इस बार प्रति मेला करीब 143 युवाओं को ही रोजगार मिला। इन मेलों में आने वाले युवाओं की संख्या हजारों में है। पिछली दो साल के मेलों से ही तुलना कर ली जाए तो साल 2024 के हर मेले में नौकरी मिलने की दर तेजी से घट गई है। राजकीय आईटीआई पांडुनगर में हर माह की 21 तारीख को रोजगार मेला लगता है।
11 रोजगार मेलों में 17 हजार से ज्यादा युवा शामिल हुए
साल 2023 में यहां लगे 12 रोजगार मेलों में करीब 15 हजार से ज्यादा युवा नौकरी की तलाश में आए और साक्षात्कार दिया। इनमें से 3013 युवाओं को नौकरी मिली। यानी प्रति मेले में 251 युवा नौकरी पाने में सफल रहे। जबकि नवंबर 2024 तक यहां लगे 11 रोजगार मेलों में 17 हजार से ज्यादा युवा शामिल हुए। इसमें 1579 युवा ही कंपनी प्रतिनिधियों की उम्मीदों पर खरे उतर सके।
हुनरमंदों की तलाश में आईं देश-दुनिया की नामी कंपनियां
राजकीय आईटीआई पांडुनगर में लगने वाले रोजगार मेलों में देश-दुनिया की नामी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें मारुति, हीरो मोटोकॉर्प, होंडा, टाटा, जगुआर, श्रीराम पिस्टन, जेसीबी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हुईं। इन कंपनियों को अपने यहां मशीनिस्ट, मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, वेल्डर आदि कारीगरों की आवश्यकता थी। इसके लिए कंपनी अच्छी सैलरी के साथ आकर्षक पैकेज ऑफर कर रहीं थीं।
जल्द ही और छात्रों का प्लेसमेंट कराया जाएगा
इस बार के मेलों की खास बात यह रहीं कि कंपनियां जितने काबिल कारीगरों को लेने का लक्ष्य बना कर आईं, वो एक बार भी पूरा नहीं हो पाया। प्लेसमेंट प्रभारी प्रमोद पांडेय के अनुसार कई कंपनियों ने संस्थान से छात्रों की अंग्रेजी भी सुधारने की अपील की है। इससे चयनित उम्मीदवारों का सैलरी पैकेज भी बढ़ जाएगा और कंपनी में उनका स्टेटस भी अच्छा हो जाएगा। छात्रों को रोजगार के अवसर मिलें। इसके लिए कई नई कंपनियों से बात चल रही है। जल्द ही और छात्रों का प्लेसमेंट कराया जाएगा।
टॉप ट्रेड से लिया प्रशिक्षण फिर भी दूर नहीं हुई बेरोजगारी
शहर के बेरोजगारों की बात करें तो यहां की गलियों में घूमने वाले हर आठवां युवा तकनीकी हुनरमंद है। जिले में करीब 1.60 लाख से ज्यादा पंजीकृत बेरोजगार हैं। इनमें 20 हजार से ज्यादा ने आईटीआई और पॉलिटेक्निक से प्रशिक्षण पाया है। करीब 11 हजार ऐसे हैं जिन्होंने आईटीआई की टॉप ट्रेड मानी जाने वाली फिटर, इलेक्ट्रिकल, मशीनिस्ट,वेल्डर, इलेक्ट्रॉनिक्स और टूल एंड डाई मेकिंग का प्रशिक्षण लिया है।
रोजगार मेले में कंपनियों की ओर से दिया गया सैलरी पैकेज
कंपनी पैकेज (प्रतिमाह)
जेगुआर 20300
होंडा 23000
मारुति 18000
टाटा 13-14 हजार