जाजमऊ आगजनी मामले में 20 मई को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। दोनों पक्षों की तरफ से कोर्ट में लिखित बहस दाखिल कर दी गई है। इससे पहले सात बार टल चुका है। दोनों पक्षों के वकीलों ने अपना-अपना पक्ष रखा है।
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | यूपी के कानपुर से सपा विधायक इरफान सोलंकी पर कानूनी शिंकजा कसता जा रहा है। जाजमऊ आगजनी मामले में कोर्ट ने इरफान सोलंकी की किस्मत की तारीख नियत कर दी है। एमपीएमएलए कोर्ट में 75 पन्नों की लिखित बहस दाखिल की गई है। जिसमें अभियोजन पक्ष ने 26 पन्ने और बचाव पक्ष की तरफ से 49 पन्ने दाखिल किए गए हैं। आगजनी मामले में कोर्ट 20 मई को अपना फैसला सुनाएगी। इरफान और उनके भाई समेत पांच आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जाजमऊ थाना क्षेत्र स्थित डिफेंस कॉलोनी में रहने वाली नजीर फातिमा का प्लाट है। नजीर फातिमा का परिवार प्लाट में ट्टर और छप्पर डालकर रहता है। नजीर फातिमा ने आरोप लगाया था कि सपा विधायक और उनके भाई प्लाट पर कब्जा करना चाहते थे। बीते 7 नवंबर 2022 (सोमवार) को परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। इसी बीच विधायक और उनके भाई ने झोपड़ी में आग लगा दी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 327, 427, 386, 504, 436, 506 और 120 के तहत मुकदमा किया था। इस मामले में इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान समेत सभी आरोपी जेल में हैं। इरफान महाराजगंज जेल में बंद हैं।
कोर्ट ने खारिज की अर्जी
जाजमऊ आगजनी मामले में विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी, शौकत अली, शरीफ और इजरायल आटे वाले को आरोपी बनाया गया है। शरीफ के वकील सीबी शर्मा ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि शरीफ की मोबाइल सीडीआर नहीं भेजी गई थी। डीसीपी ईस्ट को तलब कर सीडीआर मंगाई जाए। कोर्ट ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया। इस मामले में हाईकोर्ट जाने के लिए समय मांगने की अर्जी दी गई थी। कोर्ट ने इसे भी खारिज कर दिया।