पत्रकारिता जब समझ में नहीं आई तो एक नौजवान सिविल सर्विस की तैयारी करता है और अब आईएएस बन गया है. शहंशाह चार साल तक टीवी पत्रकारिता किए.संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2023 का अंतिम परिणाम 16 अप्रैल 2024 की दोपहर जारी हुआ. पत्रकार मोहम्मद शहंशाह सिद्दीकी की यूपीएससी सक्सेस स्टोरी कई मायनों में खास है. इसका कारण है कि पांच बार फेल होने के बावजूद हार नहीं मानी और छठी बार सच में शहंशाह बनकर निकले.
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | बिहार के पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज के रहने वाले मोहम्मद शहंशाह को यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में 762वीं रैंक हासिल हुई है. उनके पिता रिजवानुल्लाह रिटायर्ड शिक्षक हैं. मां शबरून गृहिणी हैं. बेटे की कामयाबी पर घर में आने-जाने और बधाइ देने वालों का तांता लगा हुआ है.
सिद्दीकी की शुरुआती पढ़ाई नगर के स्कूल से और दसवीं से इंटर तक टीपी वर्मा कॉलेज से हुई. चेन्नई के विनायक मिशन यूनिवर्सिटी से सिविल सेवा इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.बताते चलें कि सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद मोहम्मद शहंशाह पत्रकारिता में आ गए. उन्होंने चार साल एक टीवी चैनल में बतौर पत्रकार काम किया. पत्रकारिता में भी अपनी मेहनत से प्रभाव छोड़ा. यहां के बाद उनका झुकाव सिविल सेवा की तरफ हुआ.