कानपुर के भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक सलिल विश्नोई, आर्य नगर अमिताभ बाजपेयी, लोकसभा के काग्रेस प्रत्याशी अलोक मिश्रा, भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी, सुरेश अवस्थी रहे मौजूद
रंगों के बाद सरसैया घाट पर आयोजित हुआ गंगा मेला
विशेष संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर । हटिया होली महोत्सव कमेटी द्वारा आजादी के दीवानों की 83वीं वर्षगांठ मनाई गयी। पूरे पार्क को तिरंगे गुब्बारो व केसरिया झंडो से सजाया गया। कानपुर के भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक सलिल विश्नोई, आर्य नगर अमिताभ बाजपेयी, लोकसभा के काग्रेस प्रत्याशी अलोक मिश्रा, भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी, सुरेश अवस्थी। इस अवसर पर कानपुर के अन्नू अवस्थी व अभिषेक तिवारी,महामंत्री (कानपुर लायर्स एसोसिएशन) का सम्मान कमेटी के संरक्षक मूल चद्र सेठ द्वारा स्मृति चिन्ह देकर किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत संस्था के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र बिश्नोई महामंत्री विनय सिंह ने माला व पगड़ी पहनाकर स्मृति चिन्ह में रामलाल का चित्र देकर स्वागत किया।क्रान्तिकारियों के शिलालेख में पुष्पांजलि अर्पित की,पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार, संयुक्त पुलिस कमिश्नर हरिश चन्द्र, डिप्टी पुलिस कमिश्नर श्रवण कुमार सिंह ने तिरंगा झंडा फहराया।पुलिस बैण्ड द्वारा राष्ट्रीय गीत जन-गण-मन की धुन बजाई गयी।तत्पश्चात् रंगो के ठेले का शुभारम्भ हुआ।रंगो के ठेले का शुभारम्भ भाजपा के रमेश अवस्थी ने काग्रेंस के अलोक मिश्रा ने अबीर गुलाल लगाकर किया। सन् 1942 में ब्रिटिश हुकूमत ने होली खेलने पर पाबंदी लगा दी थी लेकिन हटिया वासियों ने पाबंदी तोड़ते हुए हटिया रज्जन बाबू पार्क में तिरंगा फहराकर होली खेली और अंग्रजी हुकूमत होली खेल रहे नवयुवक होलियारों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार नवयुवको की रिहाई जिस दिन हुई इत्तेफाक से उस दिन शुभ नक्षत्र अनुराधा था। तभी से आजादी के दीवानों की वर्षगांठ के रुप में हटिया वासी एतिहासिक होली मेला अनुराधा नक्षत्र को मनाकर कानपुर की आजादी का जश्न मनाते है और स्वतन्त्रता संग्राम में शहीद हुए क्रान्तिकारियों की 83 वीं वर्षगाठ को रंग के रुप में श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे है।देश भक्ति गीतों बजाते हुए साउण्ड ट्रॉली चल रही थी,जिसमें मेरा रंग दे बसन्ती चोला….जहां डाल डाल सोने की चिड़िया करती है बसेरा….. रंगो के ठेले में ढोल ताशा,होलियार नवयुवक,हरा,लाल,नीला,पीला,गुलाबी गुलाल उड़ाते हुए साउण्ड ट्रॉली से धार्मिक होली गीतो पर नाचते हुए नवयुवक गीतो में “आया होली का त्यौहार,लाया रंगो की बहारष्,“होली आयी रे कन्हाई रंग बरसे“ ब्रज में होली है रसिया”,“होली खेलत रघुवीरा,अवध में होली खेले रघुवीरा”,“रंग बरसे भीगे चुनर वाली रंग बरसे”,“होली के दिन दिल खिल जाते है रंगो में रंग मिल जाते है” आदि गीत रंगीन समां बांध रहे थे। 5 घोडों व 2 ऊँटों में बैठे हुए होलिया नवयुवक रंग गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे,7 लोडर,6 ट्रैक्टर ट्रॉली और सबसे अन्त में भैसा ठेले अपनी प्राचीन परम्परा के अनुसार चल रहे थे। जिन्हें बड़े-बड़े ड्रामों में सतरंगी रंग घोल कर रखा गया था, जिससे पूरे रास्ते में इन्द्रधनूषी रंगो की बौछार करते हुए होली के मतवाले होलियार चल रहे थे।नवयुवक भारत माता की जय वन्दे मातरम्, हम आजाद है के गगन भेदी नारे लगाते हुए,मूलगंज में मुस्लिम भाइयों द्वारा रंग के ठेले का स्वागत किया गया खास बाजार केस्को सब स्टेशन के सामने तिरंगा लहराकर फूलो की वर्षा करके रंग के ठेले का स्वागत किया गया तथा अन्य कई जगह भी इस तरह के स्वागत किये गये।

रंगो का ठेला हटिया रज्जन बाबू पार्क से जनरलगंज बजाजा, मनीराम बगिया,मूलगंज,टोपी बाजार,चौक स्थित कोतावलेश्वर मन्दिर में प्राचीन परम्परा के अनुसार भगवान भोले शंकर को रंग अबीर अर्पित करने के पष्चात् चौक सर्राफा,कोतवाली चौराहा, कमला टॉवर,बिरहाना रोड, नयागंज चौराहा,काहूकोठी, लाठी मोहाल होते हुए रज्जन बाबू पार्क में आकर पूर्ण विश्राम लिया।सांयकाल 6 बजे छोटे बच्चों के लिए निःशुल्क बाल मेले का आयोजन किया गया जिसमें तरह तरह के झूले,पॉपकार्न,षक्कर के गोले,पानी के बताषे, भेलपूड़ी,टॉफी-बिस्कुट सभी कुछ निःशुल्क बच्चों को दिया गया। भारी संख्या में महिलाए,बच्चों व क्षेत्रीय नागरिको ने देर रात तक मेले का आनन्द लिया। सांयकाल 8 बजे रंगारंग आतिषबाजी का आयोजन किया गया,जिसमें ऐसा लग रहा था कि मानों आसमान में भी रंगों की बरसात हो रही है। कार्यक्रम में मुख्य रुप से संरक्षक मूलचन्द्र सेठ,अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र विश्नोई,महामंत्री विनय सिंह,संतोष बाजपेयी (एडवोकेट),कृतज्ञ तिवारी,रोहित बाजपेयी,पुष्कर विश्नोई (CA)सुशील सिंह,उत्तम बाजपेयी,विनय मेहरोत्रा,मयंक गुप्ता,उज्जवल सविता,सनी श्रीवास्तव,ऋषि तिवारी,संदीप मिश्रा तथा प्रदीप महरोत्रा कार्यक्रम का संचालन ने किया, सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
