
–कानपुर देहात के औद्योगिक क्षेत्र रनियां की पाॅली फैक्ट्री में आग से 6 मजदूरों की मौत, कई घायल
–जांच में खुलासा, बिना अग्निशमन एनओसी संचालित की जा रही थी फैक्ट्री
-डीएम और एसपी ने की सख्त कार्रवाई
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
कानपुर।
उप्र के कानपुर देहात जिले में रनियां क्षेत्र में गददा बनाने वाली फैक्ट्री में आग से अबतक 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है, कई का उपचार चल रहा है, जिनमें कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं, डीएम आलोक सिंह और एसपी बीजीटीएस मूर्ति द्वारा त्वरित एक्शन लेते हुए बिना एनओसी और मानकों के संचालित फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफतारी की कार्रवाई की गई है। घटना के बाद मजदूरों में आक्रोश है।
रनियां औद्योगिक क्षेत्र के खानपुर खरंजा गांव के निकट आरपी पाॅली पैक-गददा बनाने वाली फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। शनिवार को शार्ट सर्किट या किसी वजह से आग लग गई। फैक्ट्री के अंदर फोम जमा होने के कारण चिंगारी ने भयावह रूप ले लिया। इसकी वजह से कई मजदूर अंदर फंस गए। जिला प्रशासन एवं एसडीआरएफ ने तत्काल राहत बचाव कार्य शुरू किया तो इसमें 3 मजदूरों की जली लाश मिली बाकी 3 अन्य मजदूरों की मौत अस्पताल में हो गई। कई की हालत अभी भी गंभीर बताई गई है। वहीं, एसपी कानपुर देहात ने बताया कि विधिक कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सीज कर दिया गया है। सीएफओ के द्वारा नियमों का उल्ल्घंन होने पर रनियां थाने में फैक्ट्री संचालक शशांक गर्ग, शिशिर गर्ग पुत्रगण अजय अग्रवाल निवासी 7-776 तिलकनगर थाना स्वरूपनगर कानपुर के खिलाफ ंबीएनएस की धारा 193, 287, 125बी, 106-1, 326 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफतार कर जेल भेज दिया। बाकी अन्य अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई प्रचलित है। मृतकों, घायलों के परिजनों को उचित सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।

मृतकों की हुई पहचान
फैक्ट्री के मलवे से प्रांशु पुत्र धर्मेंद्र निवासी सुजौर थाना देवराहट कानपुर देहात, लवकुश पुत्र अशर्फीलाल निवासी ग्राम अनंतापुर थाना बरौर, मनोज पुत्र रामखिलावन निवासी ग्राम मुडराशाही रूरा के शव पाए गए हैं। इनकी अधिकृत शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। वहीं, उपचार के दौरान अमित उम्र 28 पुत्र लालताप्रसाद निवासी अनंतापुर थाना बरौर हैं। बाकी लखनउ अस्पताल में अजीत उम्र 16 पुत्र रामशंकर निवासी ग्राम झरिया थाना गजनेर, विशाल उम्र 29 पुत्र मथुरा निवासी झरिया गजनेर की मौत हो गई है।

हर साल फैक्ट्रियों में लगती आग, फाइलों में रह जाती जांचें
जैनपुर और रनियां में हर साल आग से कई मजदूर मर जाते हैं लेकिन इसके बाद जिला प्रशासन अनियमित रूप संचालित फैक्ट्रियों पर कार्रवाई नहीं करता है। बीते 5 सालों में कई फैक्ट्रियां खाक हुई लेकिन जांच के नाम पर कुछ नहीं हुआ। अधिकारियों ने ले देकर फाइल निस्तारित कर दी। उक्त गददा फैक्ट्री में 16 से 17 साल उम्र के कई नाबालिग मजदूर मौत का शिकार हुए हैं। जिला प्रशासन पर कई सवाल उठ रहे हैं।