Friday, April 4, 2025
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बसंत पंचमी 2025: 2 या 3 फरवरी? तिथि को लेकर बना संशय

बसंत पंचमी यानी शिक्षा, ज्ञान, बुद्धि व विद्या की देवी मां सरस्वती का दिन। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सरस्वती पूजन किया जाता है। इस दौरान मां सरस्वती को विशेष भोग लगाकर उनकी वंदना की जाती है। इस साल बसंत पचमी की तिथि को लेकर

बसंत पंचमी यानी शिक्षा, ज्ञान, बुद्धि व विद्या की देवी मां सरस्वती का दिन। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सरस्वती पूजन किया जाता है। इस दौरान मां सरस्वती को विशेष भोग लगाकर उनकी वंदना की जाती है। इस साल बसंत पचमी की तिथि को लेकर थोड़ा कंफ्यूजन है। बसंत पचंमी कहीं 2 फरवरी और कहीं 3 फरवरी की मनाई जा रही है। पंचांग के अनुसार आपको बताएं तो बसंत पंचमी इस साल 02 फरवरी 2025 को सुबह 09 बजकर 14 मिनट से शुरू हो रही है और अगले दिन 03 फरवरी को सुबह 06 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। ऐसे में अगले दिन तिथि का कम समय होने के कारण कुछ लोग 2 फरवरी की बसंत पचमी मना रहे हैं और उदयातिथि को मानने वाले बसंत पंचमी का पर्व 3 फरवरी को मना रहे हैं। वैसे उदया तिथि के दिन ही बसंत पचंमी मनाया जाना शुभ है। इस दिन रेवती नक्षत्र व सिद्ध योग भी है। इस दिन अबूझ साया माना जाता है, इसलिए इस दिन सबसे ज्यादा शादी होती हैं।

जानें कब है बसंत पंचमी
बसंत पंचमी पूजा मूहूर्त-सुबह 06 बजे से दोपहर 12 .35 तक

बसंत पंचमी तिथि कब से शुरू हो रही है- 02 फरवरी 2025 को सुबह 09 बजकर 14 मिनट से

बसंत पंचमी तिथि कब खत्म हो रही है– 03 फरवरी को सुबह 06 बजकर 52 मिनट तक

बसंत पंचमी पर कैसे करें मां सरस्वती की पूजा

इस दिन पीले रंग का बहुत महत्व माना जाता है,मां सरस्वती की पूजा के समय लोग पीले कपड़े पहनते हैं और खाने में भी पीले रंग का कुछ भोग लगाते हैं। पीला रंग सरसों के खेतों को भी दर्शाता है, जो वसंत के आगमन का प्रतीक है। देवी को पीले फूल और मिठाइयां भी अर्पित की जाती हैं। इसके अलावा मां सरस्वती की वंदना, भजन और मंत्रों का पाठ भी किया जाता है।

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