-घंटाघर के आसपास सुतरखाना, हालसीरोड, एक्सप्रेस रोड सहित अन्य जगहों पर नियम कायदे ताक पर रखकर चलाए जा रहे होटल
-स्थानीय पुलिस की अनदेखी से होटलों में हो सकती हैं बडी वारदातें
-केडीए, केस्को, नगर निगम और फायर विभाग चढावा के आगे नतमस्तक
संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर।
कानपुर महानगर में होटल के नाम पर कबूतर खाने बना दिए हैं। कानपुर सेंट्रल स्टेशन के आसपास के इलाके में होटल के नाम पर धंधे चल रहे हैं। जिनको कार्रवाई करनी है वह मिले हुए हैं और खूब खेल चल रहा है।
सुतरखाना रोड पर राही होटल का निर्माण मजार घेरकर कर डाला। यह निर्माण होटल संचालक आशु गुप्ता ने करवाया है। इसमें नक्शा नाम की चीज का कोई पालन नहीं किया गया, बस अपने हिसाब से कमरे बनाकर पैसे कमाने का जरिया बना लिया है। हादसा हो जाए सरकार और सिस्टम जिम्मेदार है। इसी तरह से एक प्रकरण और सामने आया है। स्टेशन सामने तिराहे पर सुतरखाना मथुरा मोहाल में माता प्रसाद होटल का बोर्ड लगा है। यह परिसर भी आशू गुप्ता का बताया जा रहा है। यह बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर है लेकिन इसके बाद भी खतरे में जान डालकर होटल संचालित किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि यह जगह लीज पर कोई महिला चलाती है।
धर्मशाला को बना दिया अय्याशी के लिए होटल
स्थानीय लोगों के मुताबिक मथुरी मोहाल में केतकी देवी धर्मशाला बनी थी। यह जमीन ट्रस्ट संचालित करती है लेकिन आशु गुप्ता के गैंग ने इसको होटल बना दिया। यह इमारत बाहर से जर्जर दिखती है लेकिन पीछे आलीशान ढंग से बिल्डिंग खडी कर दी गई है। इसमें खेल कर दिया लेकिन जिम्मेदार विभाग सोते रहे। आखिर नगर निगम, केस्को, केडीए और फायर विभाग चैन की बंशी बजा रहे हैं। इसी तरह से माल रोड पर नार्थस्टार हाॅस्पिटल के बगल में एक झोपडीनुमा जगह में होटल का संचालन किया जा रहा है। बीते कुछ माह पहले वहां पर आकाश पटेल पुलिस अधिकारी ने छापा मारकर कई जोडों को अनैतिक कार्य में संलिप्त पाया था।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यहां पर जब पुलिस ने छापा मारा था तो होटल राॅयल ग्लैक्सी का बोर्ड लगाकर इंट्री दी जा रही थी। कुछ दिन संचालक ने नाम बदलकर अपना खेल शुरू कर दिया है। अब वहां पर द ग्रांड ओयो नाम का बोर्ड लगा दिया गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर खुलेआम लडके और लडकियों को इंट्री दी जा रही है। एडीसीपी पूर्वी ने कहा कि होटलों की अचानक जांच की जा रही है, स्थानीय पुलिस को अलर्ट करेंगे।


